सार्थक अडवानी की खास खबर
बिलासपुर पुलिस की ऑटो चालकों पर बड़ी कार्रवाई; अप्रैल माह में अब तक 516 चालान, यूनिफॉर्म के लिए 7 दिन की मोहलत
दो दिनों में 200 से अधिक ऑटो चालकों पर कसा गया शिकंजा।
सुरक्षा के मद्देनजर ‘ड्रेस कोड’ अनिवार्य; पहचान सुनिश्चित करने के लिए लिया गया निर्णय।
नशे में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध सीधे न्यायालय में पेश होंगे प्रकरण।
बिलासपुर:
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के दिशा-निर्देश तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) श्री रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में यातायात पुलिस द्वारा ऑटो चालकों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई की गई है।
प्रमुख बिंदु और अनुशासनात्मक कार्रवाई:
सख्त चालानी कार्रवाई: यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ऑटो चालकों पर पिछले 48 घंटों में 200 से अधिक और अप्रैल माह में अब तक कुल 516 प्रकरणों में वैधानिक कार्रवाई की गई है।
यूनिफॉर्म हेतु समय-सीमा: ऑटो चालक संघों की विशेष मांग और पहचान सुनिश्चित करने की आवश्यकता को देखते हुए, पुलिस ने ‘ड्रेस कोड’ लागू करने के लिए 07 दिनों की समय-सीमा निर्धारित की है। सात दिन पश्चात बिना यूनिफॉर्म पाए जाने वाले चालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

सुरक्षा एवं पहचान: यूनिफॉर्म अनिवार्य करने का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा और किसी भी अप्रिय घटना या विवाद की स्थिति में चालक की तत्काल पहचान सुनिश्चित करना है। इससे अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा ऑटो का दुरुपयोग रोके जाने में मदद मिलेगी।
नशे और दुर्व्यवहार पर ‘जीरो टॉलरेंस’:
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑटो जन-परिवहन का एक सुलभ माध्यम है, जिस पर आम जनता का गहरा विश्वास होता है।
नशे पर लगाम: शराब या अन्य मादक पदार्थों का सेवन कर ऑटो चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत सीधे माननीय न्यायालय में प्रकरण भेजे जा रहे हैं।
निगरानी तंत्र: शहर के ITMS (Intelligent Traffic Management System) कैमरों और नेक्स्ट जेन एम-परिवहन पोर्टल के माध्यम से उल्लंघनकर्ताओं पर 24 घंटे पैनी नजर रखी जा रही है।
यातायात पुलिस की अपील:
बिलासपुर यातायात पुलिस सभी ऑटो चालकों से अपील करती है कि वे सड़क सुरक्षा मानकों का पालन करें। विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के साथ शालीन व्यवहार करें और उन्हें सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करें। नियमों का पालन न करने वाले और अनुशासनहीनता बरतने वाले चालकों के विरुद्ध पुलिस का अभियान निरंतर जारी रहेगा।


