मोहन मदवानी की खास खबर
बिलासपुर के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में सरकारी भूमि पर बड़ा खेल; डेढ़ साल से शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन


बिलासपुर | [19/04/2026] नगर पालिक निगम बिलासपुर के वार्ड नंबर 40, महाराणा प्रताप नगर (निराला नगर) में सरकारी सड़क और सार्वजनिक रास्ते की भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है। राजा होटल के सामने, पुराना बस स्टैंड जैसे व्यस्त और प्राइम लोकेशन पर स्थित सरकारी जमीन को घेरकर किए जा रहे अवैध निर्माण ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अवैध निर्माण का पूरा मामला
पार्षद ओम कश्यप और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गिरिश पाण्डेय, शिरिश पाण्डेय एवं आशीष पाण्डेय द्वारा सरकारी सड़क की भूमि पर पूरी तरह से अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इस जमीन पर बिना किसी वैध अनुमति के 6 दुकानों का दो मंजिला व्यावसायिक परिसर खड़ा कर दिया गया है।
हैरानी की बात यह है कि यह निर्माण कार्य छिपकर नहीं, बल्कि प्रशासन की नाक के नीचे किया गया है। वर्तमान में यह अवैध निर्माण लगभग बनकर तैयार हो चुका है, जबकि इस संबंध में पहली शिकायत डेढ़ साल पहले की गई थी।

सत्ता और प्रशासन के हर द्वार पर दस्तक, पर नतीजा सिफर
आवेदक संजय सिंह चौहान, रमेश साहू, विनय प्रजापति, महेश गुप्ता, ओम कश्यप, पार्षद श्याम कश्यप और शंकर लाल प्रजापति ने इस मामले को लेकर लंबी कानूनी और प्रशासनिक लड़ाई लड़ी है। आवेदकों द्वारा 28 अगस्त 2024 से निरंतर पत्राचार किया जा रहा है। शिकायतों की सूची लंबी है:

केंद्रीय मंत्री: तोखन साहू
राज्य नेतृत्व: माननीय मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री अरुण साव
प्रशासनिक अधिकारी: संभाग आयुक्त (कमिश्नर), कलेक्टर बिलासपुर
निगम प्रशासन: जोन कमिश्नर, भवन अधिकारी
विभागीय: नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
इन सभी उच्च अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को साक्ष्यों के साथ आवेदन सौंपने के बावजूद, आज तक मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसा प्रतीत होता है कि रसूख के आगे निगम का बुलडोजर थम गया है ?
पार्षद ओम कश्यप का तीखा प्रहार
वार्ड पार्षद ओम कश्यप ने प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा:
”जब एक आम आदमी अपनी छत पर छोटा सा छज्जा निकालता है, तो निगम का अमला तुरंत नोटिस लेकर पहुँच जाता है। यहाँ शहर के बीचों-बीच सरकारी सड़क की जमीन निगली जा रही है, दो मंजिला दुकानें तन गई हैं, लेकिन भवन अधिकारी और जोन कमिश्नर को कुछ दिखाई नहीं दे रहा। यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और संरक्षण का मामला है।”
जनता में आक्रोश: आखिर किसका संरक्षण?
पुराना बस स्टैंड क्षेत्र बिलासपुर का हृदय स्थल है। यहाँ सरकारी रास्ते पर कब्जा होने से न केवल यातायात बाधित होगा, बल्कि भविष्य में सरकारी योजनाओं के विस्तार में भी बाधा आएगी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि शासन-प्रशासन जल्द ही इस अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं करता और सरकारी भूमि को मुक्त नहीं कराता, तो वे उग्र आंदोलन और न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे।


