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जोनल रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य दीपक शर्मा ने रेल मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, सांसद और राज्यसभा सांसद को भेजा मांग पत्र, कहा- औद्योगिक नगर और रेल विहीन जिला मुख्यालय के सुविधा बढ़ाने जोर

तिल्दा-नेवरा। छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक नगर और बेमेतरा-कबीरधाम जैसे दो राजस्व जिलों के सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन तिल्दा-नेवरा में लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों के ठहराव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। जोनल रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य एवं राष्ट्रीय रेलवे परिषद के पूर्व सदस्य पीपीदीपक शर्मा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, सांसद बृजमोहन अग्रवाल तथा राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा को विस्तृत पत्र भेजकर तिल्दा नेवरा स्टेशन पर सात महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग की है।

दीपक शर्मा ने अपने मांग पत्र में कहा है कि तिल्दा-नेवरा रायपुर लोकसभा क्षेत्र का महत्वपूर्ण नगर होने के साथ-साथ प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र भी है। इसके बावजूद यहां से लंबी दूरी की यात्री ट्रेनों की सुविधा बेहद सीमित है। तिल्दा नेवरा स्टेशन बेमेतरा और कबीरधाम जिले सहित आसपास के कई कस्बों और गांवों के लाखों लोगों के लिए सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन है, लेकिन यहां यात्रियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में 500 किलोमीटर से अधिक दूरी की अप डाउन में केवल 16 ट्रेनें तिल्दा स्टेशन पर रुकती हैं, जिनमें से सिर्फ 10 ट्रेनें प्रतिदिन, एक ट्रेन सप्ताह में पांच दिन, दो ट्रेनें सप्ताह में दो दिन और तीन ट्रेनें सप्ताह में केवल एक-एक दिन ही संचालित होती हैं। ऐसे में यात्रियों को या तो दूसरे स्टेशनों तक जाना पड़ता है या महंगे और जोखिम भरे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ता है।
इन ट्रेनों के स्टॉपेज की मांग
दीपक शर्मा ने तिल्दा-नेवरा रेलवे स्टेशन पर निम्नलिखित ट्रेनों के ठहराव की मांग की है—
12251/12252 वेनगंगा एक्सप्रेस
12849/12850 बिलासपुर–पुणे एक्सप्रेस
15231/15232 बरौनी–गोंदिया एक्सप्रेस
20843/20844 बिलासपुर–भगत की कोठी एक्सप्रेस
18201/18202 दुर्ग–नवतनवा एक्सप्रेस
12823/12824 छत्तीसगढ़ संपर्क क्रांति एक्सप्रेस
22647/22648 कोरबा–तिरुवनंतपुरम एक्सप्रेस
बिलासपुर-रायपुर के बीच होने के बावजूद उपेक्षा
दीपक शर्मा का कहना है कि बिलासपुर और रायपुर जैसे बड़े रेलवे मंडलों के बीच स्थित होने के बावजूद तिल्दा स्टेशन को अपेक्षित महत्व नहीं मिल रहा है। अनेक महत्वपूर्ण ट्रेनें यहां से गुजरती हैं, लेकिन उनका ठहराव नहीं होने से क्षेत्र के विद्यार्थियों, मरीजों, व्यापारियों, श्रमिकों और धार्मिक यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों और रेलवे मंत्रालय से आग्रह किया है कि जनहित को देखते हुए तिल्दा-नेवरा स्टेशन पर इन ट्रेनों का ठहराव स्वीकृत किया जाए, ताकि लाखों यात्रियों को बेहतर रेल सुविधा का लाभ मिल सके।
तिल्दा नेवरा में क्यों जरूरी है स्टॉपेज ?
तिल्दा प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक नगर के साथ साथ रेल विहीन जिला मुख्यालय बेमेतरा और कबीरधाम के यात्रियों से सबसे नजदीक का प्रमुख स्टेशन हैं शिक्षा, रोजगार, व्यापार और इलाज के लिए बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन दक्षिण, पश्चिम और उत्तर भारत जाने वाली ट्रेनों की सुविधा सीमित।ट्रेनों के ठहराव से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।



