सुरज वाधवानी की रिपोट
सकरी स्थित हाँफा में सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज भगवान नृसिंहनाथ के दरबार में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
हाँफा/सकरी:सकरी स्थित प्रसिद्ध और जाग्रत आध्यात्मिक केंद्र हाँफा में देवाधीदेव सिद्ध बघर्रा पाठ महाराज भगवान नृसिंहनाथ की महिमा निरंतर बनी हुई है। क्षेत्र के लोगों में यह अटूट मान्यता है कि जो भी भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से भगवान नृसिंहनाथ के दरबार में हाजिरी लगाता है, उसके जीवन के सभी कष्ट और संकट स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। प्राचीन काल से ही यह पवित्र स्थल आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जहाँ प्रतिदिन दूर-दराज से भक्त दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने पहुँचते हैं।

मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य धनेश उपाध्याय जी ने सिद्ध पीठ की महिमा पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस स्थान की ऊर्जा अत्यंत तीव्र और दिव्य है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार भगवान नृसिंहनाथ ने आदिकाल में भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी, उसी प्रकार वे आज भी अपने शरण में आने वाले भक्तों की रक्षा करते हैं। यहाँ नियमानुसार पूजा-अर्चना और बघर्रा पाठ महाराज की आराधना करने से नकारात्मक ऊर्जा, शत्रुभय और बाधाओं का नाश होता है तथा मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
प्रत्येक गुरुवार को विशेष अनुष्ठान और भंडारा
मंदिर परिसर में प्रत्येक गुरुवार को मानसभक्तों द्वारा ‘श्री रामचरितमानस’ का पाठ एवं गायन आयोजित किया जाता है। इसके पश्चात विशेष पूजन, हवन और महाआरती के बाद भव्य भंडारे का आयोजन होता है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ उठाते हैं। आचार्य धनेश उपाध्याय जी के सानिध्य में होने वाले इन अनुष्ठानों से संपूर्ण क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण निर्मित हो रहा है।
इस भव्य कार्यक्रम एवं आयोजनों को सफल बनाने में पंडित रामकुमार उपाध्याय, पंडित रमेश अवस्थी, पंडित डॉ. महेंद्र दुबे, पंडित संजय तिवारी, पंडित किरण दुबे, सुश्री सोनल उपाध्याय, पंडित क्रियांश उपाध्याय, सुश्री हेमाक्षी उपाध्याय, भेदी कैवर्त, पंडित रमेश उपाध्याय, रामलाल कश्यप, अवधेश गुप्ता, पंडित राजेंद्र तिवारी, पंडित केजू राम शर्मा, माधव श्रीवास, कौशल प्रसाद कोरी, सुखाऊ राम कैवर्त, ज्ञानेश कैवर्त सहित समस्त स्थानीय भक्तों का सराहनीय योगदान रहा।














