साहस और मानवता की मिसाल: उफनती लीलगार नदी में डूब रहे दो युवकों की जान बचाने वाले युवाओं को SSP रजनेश सिंह ने किया सम्मानित
बिलासपुर /थाना मस्तूरी अंतर्गत चौकी मल्हार के मना डेरा रोड पर स्थित लीलगार नदी को पार करते समय 20 अगस्त 2026 को बड़ा हादसा टल गया। चकरबेड़ा (चौकी मल्हार) निवासी गुड़ा टंडन एवं दुर्गेश टंडन (पिता मोतिया टंडन) मोटरसाइकिल सहित नदी के तेज बहाव में गिर गए।

घटना के वक्त मनाडेरा निवासी मोहन लाल केवट (24 वर्ष), उनके साथी महेश केवट (मुलमुला) और आदित्य केवट उर्फ करण (मल्हार) ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। अपनी जान की परवाह न करते हुए तीनों युवाओं ने लकड़ी की सहायता से उफनती नदी में फंसे दोनों भाइयों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
समय पर की गई इस साहसिक कार्रवाई से दोनों युवकों की जान बच गई। युवाओं की इस तत्परता और निस्वार्थ सेवा की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है।
इस अनुकरणीय कार्य के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री रजनेश सिंह ने मोहन लाल केवट, महेश केवट और आदित्य केवट को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। एसएसपी ने कहा कि संकट की घड़ी में दूसरों की जान बचाना सामाजिक जिम्मेदारी और मानवता का श्रेष्ठ उदाहरण है।
पुलिस विभाग ने घोषणा की है कि ऐसे साहसी युवाओं को SDRF टीम के माध्यम से विशेष जल-बचाव प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद इन्हें ‘जल मितान’ के रूप में नियुक्त कर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि भविष्य में आपात परिस्थितियों में लोगों की त्वरित सहायता की जा सके।














