तीजा-पोला पर्व पर लोकल ट्रेनें रद्द करने के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने सौंपा विरोध पत्र
कोरबा-रायपुर-दुर्ग के बीच रद्द 10 लोकल ट्रेनों का परिचालन बहाल करने की मांग, पर्व के दौरान स्पेशल ट्रेन चलाने की मांग
चकरभाठा/सकर्रा। तीजा-पोला जैसे महत्वपूर्ण पर्व के अवसर पर कोरबा-रायपुर-दुर्ग के बीच 10 लोकल ट्रेनों को रद्द किए जाने के विरोध में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने रेलवे प्रशासन के समक्ष विरोध दर्ज कराया है। पार्टी ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के महाप्रबंधक एवं बिलासपुर स्टेशन प्रबंधक को विरोध पत्र सौंपकर लोकल ट्रेनों का परिचालन तत्काल पूर्ववत करने और पर्व के दौरान विशेष लोकल ट्रेन चलाने की मांग की है।
लोकल ट्रेनें बंद होने से यात्रियों को होगी परेशानी
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने अपने विरोध पत्र में कहा है कि तीजा-पोला छत्तीसगढ़ का प्रमुख लोकपर्व है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार एवं रिश्तेदारों के साथ पर्व मनाने के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे समय में लोकल ट्रेनों को बंद करने का निर्णय आम यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों, श्रमिकों एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी बढ़ाने वाला है।
पार्टी का कहना है कि कोरबा-रायपुर-दुर्ग रेलमार्ग पर लोकल ट्रेनें कम खर्च में सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का प्रमुख साधन हैं। इनके बंद होने से यात्रियों को महंगे वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। साथ ही एक्सप्रेस ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ने से अतिरिक्त दबाव एवं अव्यवस्था की स्थिति निर्मित हो सकती है।
पर्व के दौरान विशेष लोकल ट्रेन चलाने की मांग
विरोध पत्र के माध्यम से पार्टी ने रेलवे प्रशासन से 13 एवं 14 सितंबर 2026 को रद्द की गई लोकल ट्रेनों के निर्णय पर तत्काल पुनर्विचार करने की मांग की है। इसके साथ ही तीजा-पोला पर्व के दौरान 15, 16 एवं 17 सितंबर तथा 26, 27 एवं 28 सितंबर को अतिरिक्त कोच के साथ विशेष लोकल ट्रेन चलाने की व्यवस्था करने का आग्रह किया गया है।
पार्टी ने दिन के समय चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनों के आरक्षित डिब्बों में भी सामान्य यात्रियों को साधारण टिकट के माध्यम से यात्रा की अनुमति देने पर विचार करने की मांग की है, ताकि पर्व के दौरान यात्रियों को राहत मिल सके।
मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने रेलवे प्रशासन से जनहित में तत्काल निर्णय लेते हुए लोकल ट्रेनों का परिचालन बहाल करने की अपील की है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वह जनहित में विरोध प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।














