सेवा संकल्प अभियान : सेवा की कहानी
मस्तूरी चिरायु टीम ने समय पर पहचान कर बचाई मासूम की जिंदगी
बिलासपुर, 22 सितम्बर 2026/शासन की चिरायु योजना के तहत बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनरक्षक साबित हो रही है। मस्तूरी की चिरायु टीम ने ग्राम नरगोड़ा के आंगनबाड़ी केंद्र में स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान 11 माह के ध्रुवेश पुरी में जन्मजात हृदय रोग की पहचान की और समय पर उपचार की दिशा में पहल कर उसे नया जीवन दिलाया।
सीपत क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा निवासी ध्रुवेश, पिता नरेंद्र पुरी की आंगनबाड़ी केंद्र में जांच के दौरान चिरायु टीम को हृदय संबंधी बीमारी के संकेत मिले। टीम ने तत्काल बच्चे को जिला अस्पताल स्थित डीईआईसी रेफर किया और स्वयं चिरायु वाहन से अस्पताल पहुंचाकर ईको, ब्लड टेस्ट सहित आवश्यक जांच कराई। इसके बाद बच्चे को रायपुर मेकाहारा मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां उसे कॉम्प्लेक्स सायनोटिक हार्ट डिजीज से पीड़ित पाया गया। बेहतर उपचार के लिए बच्चे को एम्स रायपुर एवं श्री सत्यसांई अस्पताल रायपुर में भी दिखाया गया। इसके बाद बच्चे की सभी मेडिकल रिपोर्ट दिल्ली एम्स और अपोलो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल चेन्नई सहित देश के अन्य उच्च स्तरीय अस्पतालों में भेजी गईं। अपोलो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल चेन्नई के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ओपन हार्ट सर्जरी की सलाह दी।
शुरुआत में बच्चे के माता-पिता ऑपरेशन को लेकर चिंतित थे। चिरायु टीम ने लगातार काउंसलिंग कर उन्हें बीमारी की गंभीरता और ऑपरेशन की आवश्यकता समझाई। टीम के प्रयासों से परिजन उपचार के लिए तैयार हुए। बच्चे को चेन्नई भेजा गया और अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी सफल ओपन हार्ट सर्जरी हुई। सर्जरी के बाद ध्रुवेश अब पूरी तरह स्वस्थ है। समय पर बीमारी की पहचान, उपचार के लिए मार्गदर्शन और लगातार सहयोग ने इस परिवार के जीवन में नई उम्मीद जगाई। बच्चे के माता-पिता ने स्वास्थ्य विभाग, चिरायु टीम और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिरायु योजना गरीब परिवारों के लिए वास्तव में जीवनदायिनी साबित हो रही है।



