दाई महामाया मंदिर में स्थानीय छत्तीसगढ़ियों को मिले प्राथमिकता, क्रांति सेना ने सौंपा ज्ञापन
संवाददाता: अश्वनी यादव
बिलासपुर/रतनपुर। दाई महामाया मंदिर ट्रस्ट समिति रतनपुर में छत्तीसगढ़िया समाज को प्राथमिकता देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने ट्रस्ट के प्रबंधक/अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पूजा-पाठ, प्रसाद एवं पूजा सामग्री की दुकानों से लेकर मंदिर की विभिन्न व्यवस्थाओं में स्थानीय छत्तीसगढ़िया लोगों को रोजगार और अवसर देने की मांग की गई है। साथ ही मंदिर परिसर की दुकानों में स्थानीय व्यापारी, महिला समूह, बेरोजगार एवं छोटे व्यवसायियों को प्राथमिकता देने, मंदिर में बिकने वाली सामग्री स्थानीय छत्तीसगढ़िया व्यापारियों से खरीदने तथा ₹100 लेकर कराए जा रहे वीआईपी दर्शन की व्यवस्था समाप्त कर सभी श्रद्धालुओं को समान एवं सम्मानजनक दर्शन की सुविधा देने की मांग उठाई गई।



क्रांति सेना ने धर्मशाला के कमरों को सभी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराने, मंदिर ट्रस्ट के दुकान आवंटन, पूजा-पाठ, सामग्री खरीदी और वीआईपी दर्शन संबंधी नियमों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा मंदिर में सेवा देने वाले वेतनभोगी कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग भी रखी है। ज्ञापन में कहा गया है कि “दाई महामाया के दरबार में छत्तीसगढ़िया मन के मान-सम्मान, स्थानीय मनखे मन ला रोजगार अउ सबो श्रद्धालु मन ला समान दर्शन के अधिकार” सुनिश्चित होना चाहिए। क्रांति सेना के जिला अध्यक्ष अनिल कुमार पाली ने ट्रस्ट समिति से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी रतनपुर को भी दी गई है।


