बिलासपुर की डॉ. कुमुदिनी ने रचा कीर्तिमान, देश की इकलौती महिला को मिला युवा वैद्य पुरस्कार
आयुर्वेद चिकित्सा, शोध और जनसेवा में योगदान के लिए पुणे में हुआ राष्ट्रीय सम्मान
संवाददाता:अश्वनी यादव
बिलासपुर/बिल्हा। शासकीय आयुर्वेद औषधालय सिंघरी (बिल्हा) में पदस्थ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमुदिनी पटेल ने राष्ट्रीय स्तर पर बिलासपुर का नाम रोशन किया है। उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा, अनुसंधान एवं जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘वैद्य अनघा गोगटे युवा वैद्य पुरस्कार-2026’ से सम्मानित किया गया। वैद्य गोगटे मेमोरियल फाउंडेशन की ओर से 4 अक्टूबर को पुणे में आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार ‘मानस रोग 3.0’ में डॉ. पटेल को यह सम्मान प्रदान किया गया। समारोह में उन्हें स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र, 20 हजार रुपए की पुरस्कार राशि और पुष्पगुच्छ भेंट किया गया। खास बात यह रही कि इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए देशभर से चयनित चिकित्सकों में डॉ. पटेल एकमात्र महिला आयुर्वेद चिकित्सक रहीं।

डॉ. पटेल का चयन आयुर्वेद चिकित्सा में निरंतर सेवा, विद्धकर्म एवं अग्निकर्म के माध्यम से दर्द प्रबंधन, ग्रामीण क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा शिविरों के आयोजन, शोध कार्य तथा विद्यार्थियों के मार्गदर्शन में योगदान के आधार पर किया गया। ग्रामीण अंचलों में जरूरतमंदों तक आयुर्वेद चिकित्सा पहुंचाने के उनके प्रयासों को भी सराहा गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. पटेल ने उपलब्धि भगवान धन्वंतरि एवं अपने गुरुजनों को समर्पित करते हुए कहा कि यह सम्मान समाज के अंतिम व्यक्ति तक आयुर्वेद चिकित्सा सेवा पहुंचाने के उनके संकल्प को नई ऊर्जा देगा। उनकी उपलब्धि पर जिला आयुष अधिकारी डॉ. वाई.एस. ध्रुव सहित विभागीय अधिकारियों, साथी चिकित्सकों एवं क्षेत्रवासियों ने बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।


