दलहन की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कृषि विभाग की पहल
उत्तर बस्तर कांकेर, 10 अक्टूबर 2026/ कभी नक्सली गतिविधियों के कारण अपना गांव और जमीन छोड़कर पलायन करने को मजबूर हुए ग्रामीण अब धीरे-धीरे अपने गांव महला लौटकर खेती-किसानी के माध्यम से आजीविका को नई दिशा दे रहे हैं। ग्राम महला निवासी कृषक श्री चैल सिंह तारम अपनी जमीन पर खेती कर रहे हैं।
श्री चैल सिंह तारम के पास लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि है, जहां वे खेती-किसानी कर अपने परिवार की आजीविका चला रहे हैं। कृषि विभाग द्वारा उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के अंतर्गत दलहन फसलों को प्रोत्साहित करने हेतु संचालित योजना के तहत उड़द बीज का 4 किलोग्राम का मिनीकिट निःशुल्क प्रदान किया गया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को दलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करना, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना तथा उनकी आय में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ाना है।
उड़द की खेती से चैल सिंह तारम को अपनी पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त फसल उत्पादन और आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा। कृषि विभाग की इस पहल से किसानों को कम लागत में दलहन उत्पादन अपनाने के लिए प्रोत्साहन मिल रहा है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्र में सामान्य जनजीवन की ओर लौटते ग्रामीणों के लिए खेती-किसानी न केवल आजीविका का साधन बन रही है, बल्कि अपने गांव और जमीन से फिर से जुड़ने का माध्यम भी है। चैल सिंह तारम कृषि विभाग की इस सहायता से खुश हैं और खेती के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने की उम्मीद रखते हैं।


