समान नागरिक संहिता पर उच्च स्तरीय समिति ने सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों से की चर्चा, मांगे सुझाव
विवाह-तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं विरासत और लिव-इन संबंधों पर समाज प्रमुखों ने रखे अपने विचार
उत्तर बस्तर कांकेर, 15 अक्टूबर 2026/ समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के संबंध में नागरिकों के सुझावों को संकलित कर प्रारूप तैयार करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्यों ने आज जिला पंचायत के सभाकक्ष में सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, धर्मगुरुओं और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर विस्तृत चर्चा की। बैठक में समिति के सदस्यों ने विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों से समान नागरिक संहिता के संबंध में उनके विचार एवं सुझाव आमंत्रित किए।


बैठक में भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं समिति के सदस्य श्री एम.के. राउत, वरिष्ठ अधिवक्ता श्री मोहन पवार, सेवानिवृत्त प्राचार्य श्रीमती ज्योति रानी सिंह, सदस्य सचिव एवं रायपुर संभाग के आयुक्त श्री श्याम धावड़े, अधिवक्ता श्री अक्षत अग्रवाल तथा विधि समिति के शोधकर्ता अधिकारी श्री प्रांजल शर्मा सहित जिला प्रशासन के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के प्रारंभ में सदस्य सचिव एवं रायपुर संभाग के आयुक्त श्री श्याम धावड़े ने समिति के सदस्यों का परिचय कराया। इसके पश्चात उन्होंने समान नागरिक संहिता के प्रारूप निर्माण के लिए समूह चर्चा एवं जनपरामर्श की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों को समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए बताया कि इस संबंध में विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों सहित नागरिकों के विचारों और सुझावों को संकलित किया जा रहा है, ताकि प्रारूप तैयार करने की प्रक्रिया में विभिन्न वर्गों के दृष्टिकोण को शामिल किया जा सके।
समिति द्वारा बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों से विवाह एवं तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार एवं विरासत तथा लिव-इन संबंधों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सुझाव मांगे गए। इस दौरान गोंडवाना समाज, हल्बा समाज, कलार समाज, मुस्लिम समाज एवं अनुसूचित जाति वर्ग के पदाधिकारियों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भी चर्चा में भाग लेते हुए समान नागरिक संहिता के विभिन्न पहलुओं पर अपने सुझाव रखे।


