कांकेर में दिव्यांग बच्चों के लिए आकलन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित
374 बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण, 282 के बने दिव्यांगता प्रमाण पत्र 91 बच्चों को सहायक उपकरणों के लिए किया गया चिन्हांकित, समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
उत्तर बस्तर कांकेर, 23 अक्टूबर 2026/ समग्र शिक्षा संचालक एवं कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के निर्देशानुसार एलिम्को कानपुर तथा स्वास्थ्य विभाग कांकेर के सहयोग से जिले के शासकीय विद्यालयों में अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों के लिए आकलन एवं मूल्यांकन शिविर आयोजित किए गए। शिविर कांकेर, भानुप्रतापपुर एवं कोयलीबेड़ा विकासखंड मुख्यालयों में आयोजित हुए। इनका उद्देश्य दिव्यांग बच्चों की दिव्यांगता का आकलन कर उन्हें दिव्यांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराना तथा आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान करने के लिए चिन्हांकित करना था।
374 दिव्यांग बच्चों का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण
जिले में आयोजित शिविरों में कुल 374 दिव्यांग बच्चों ने सहभागिता की। विकासखंडवार आंकड़ों के अनुसार अंतागढ़ से 30, भानुप्रतापपुर से 59, चारामा से 35, दुर्गूकोंदल से 29, कांकेर से 73, कोयलीबेड़ा से 78 तथा नरहरपुर से 70 बच्चे शिविर में शामिल हुए। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी दिव्यांगता का आकलन किया तथा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श प्रदान किया।
शिविर के दौरान जिला चिकित्सालय कांकेर के विशेषज्ञ चिकित्सकों के सहयोग से 282 बच्चों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए। वहीं, एलिम्को कानपुर की विशेषज्ञ टीम ने 91 बच्चों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए चिन्हांकित किया तथा आवश्यक माप लिया। शिविर में ही प्रमाण पत्र बनाए जाने से बच्चों एवं उनके अभिभावकों को आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए अलग-अलग कार्यालयों में जाने की परेशानी से राहत मिली।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया परीक्षण
शिविर में जिला चिकित्सालय कांकेर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ईएनटी विभाग से श्री विजय उसेंडी एवं श्री बी.डी. नाग, नेत्र रोग विशेषज्ञ श्रीमती सरिता कुमेटी, अस्थि रोग विशेषज्ञ श्री अमन गोयल, श्री लोकेश देव एवं श्री अरविंद कोर्राम तथा मेडिसिन विभाग से श्री अरमान मिश्रा एवं श्री धीरज मजूमदार ने बच्चों की दिव्यांगता के आकलन और प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में सहयोग प्रदान किया।
इसी प्रकार एलिम्को कानपुर से आए विशेषज्ञ श्री पिंटू कुमार, श्री ऋतिक कुमार एवं श्री नवचेतन सहित अन्य सदस्यों ने बच्चों की आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरणों के लिए माप लिया। विभिन्न प्रकार की दिव्यांगता से प्रभावित बच्चों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी गई।
समावेशी शिक्षा एवं सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने की पहल
शिविर के माध्यम से पात्र बच्चों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की दिशा में भी पहल की गई। आयोजन में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समग्र शिक्षा के अधिकारियों, विशेष शिक्षकों, बीआरसी कार्यालय के कर्मचारियों तथा संबंधित विद्यालयों के संस्था प्रमुखों का सराहनीय सहयोग रहा। विभिन्न विभागों के समन्वय से शिविर का संचालन सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री रमेश कुमार निषाद एवं जिला मिशन समन्वयक श्री नवनीत पटेल ने ऐसे शिविरों को दिव्यांग बच्चों के सर्वांगीण विकास और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को समय पर चिकित्सकीय परीक्षण, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा आवश्यकतानुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराने में मददगार हैं।


