अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह का पर्दाफाश, प्रमुख आरोपी पंकज सिंह गिरफ्तार
रायपुर से हुई गिरफ्तारी, गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी लंबे समय से संगठित आपराधिक गतिविधियों में लिप्त होने की थी सूचना, कई राज्यों में फैला नेटवर्क आरोपी ने नगरीय निकाय चुनाव मे उपयोग हेतु मंगायी थी अवैध शराब
चंदीगढ़ , अंबाला , मोहाली , कुरुक्षेत्र , दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश के आरोपियो को किया गया चिन्हांकित दुबई स्थित कंपनी के आर्डर पर गोवा से भूटान जा रही थी अवैध शराब

10 फरवरी 2025 को आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली कि एक काले रंग की क्रेटा कार में अवैध शराब का परिवहन किया जा रहा है। जांच के दौरान, कार चालक रवि शर्मा से 10 पेटी Symposiums Black Dot Finest Grain Whiskey (कुल 480 बोतल) बरामद हुई, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में रवि शर्मा ने बताया कि आगे एक बड़े कंटेनर ट्रक में भी शराब भरी हुई है और उसे बिलासपुर में कुछ पेटियां खाली करने का निर्देश मिला था। पुलिस ने छतौना क्षेत्र में उक्त कंटेनर को रोककर जांच की, तो उसमें 990 पेटी विदेशी मदिरा मिली। ट्रक चालक शिव कुमार सैनी से पूछताछ करने पर उसने गोलमोल जवाब दिया। जब कंटेनर के दस्तावेजों की जांच की गई, तो पाया गया कि परमिट में 1000 पेटियों का जिक्र था, लेकिन मौके पर केवल 990 पेटियां मिलीं। जिस पर आबकारी विभाग ने आबकारी अधिनियम की संगत धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया।
इस पूरे घटनाक्रम में बड़े संगठित गिरोह के शामिल होने की संभावना पर
आबकारी विभाग के आवेदन पर 23 फरवरी 2025 को थाना सिविल लाइन, बिलासपुर में अपराध क्रमांक 192/25 अंतर्गत धारा 316(3) और 61(2) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया। थाना सिविल लाईन मे अपराध पंजीबद्ध होने के बाद आबकारी विभाग से प्राप्त दस्तावेजो के अवलोकन पर 1000 पेटी शराब भरा हुआ कंटेनर ,दुबई द्वारा दिये गए आर्डर पर गोवा से भूटान जा रहा था। इसी क्रम मे पूर्व मे गिरफ्तार आरोपी रवि शर्मा एवं शिव कुमार सैनी के बताए अनुसार गोवा, दिल्ली , छत्तीसगढ़ एवं हरयाणा के लोगो का बैंक अकाउण्ट खंगाला गया जिसमे अरोपियो के साथ पंकज सिंह एवं जय प्रकाश बघेल का लेनदेन होना पाया गया।
मामले की विवेचना में आरोपी ट्रक चालक ने स्वीकार किया कि उसे 30-40 पेटी बिलासपुर में खाली करने के लिए कहा गया था और इसके बदले उसे 50,000 रुपये मिलने थे। इस पूरे कार्य में दिल्ली, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के लोग शामिल हैं। इस गिरोह का एक प्रमुख व्यक्ति पंकज सिंह पिता स्व. कृष्णा सिंह, उम्र 41 वर्ष, निवासी सूर्या विहार, सरकंडा, बिलासपुर था, जो कि घटना दिनांक के बाद से फरार चल रहा था।
इसी दौरान लोकल और टेक्निकल इनपुट से आरोपी पंकज सिंह पिता स्व. कृष्णा सिंह, उम्र 41 वर्ष, निवासी सूर्या विहार, सरकंडा, बिलासपुर के रायपुर में होने की सूचना प्राप्त हुई। इस सूचना से तत्काल पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह (भापुसे) को अवगत कराया गया तथा पुलिस अधीक्षक महोदय के मार्गदर्शन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) के निर्देशन पर विशेष टीम को रायपुर रवाना किया गया, जहाँ VIP रोड स्थित एक कॉलोनी से घेराबंदी कर पकड़ा गया।
प्रकरण मे वरिष्ठ कार्यालय के माध्यम से पत्राचार कर दुबई एवं भूटान की कंपनी के संबंध मे जानकारी मांगी गई है।
मामले के संबंध में विवेचना जारी है तथा अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।



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