
रिपोर्टर — सुरज पुरेना
बिलासपुर। मस्तूरी तहसील कार्यालय की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। ग्राम मल्हार निवासी अनुरुद्ध निर्मलकर द्वारा वर्ष 2022 में खाता विभाजन हेतु खसरा नंबर 3363 और 3364 से संबंधित आवेदन किया गया था। हालांकि तीन वर्षों में सभी प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद अब तक आदेश पारित नहीं किया गया है।

अनुरुद्ध का आरोप है कि उन्होंने कई बार अति. तहसीलदार मस्तूरी से संपर्क किया, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ टालमटोल कर “आज आओ, कल आओ” जैसा जवाब मिला। इस प्रशासनिक उदासीनता के चलते वे मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान हैं।
थक-हारकर उन्होंने अब कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत देकर शीघ्र निर्णय की मांग की है। यह मामला साफ तौर पर प्रशासन की सुस्ती और आम नागरिकों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाता है। सवाल यह है कि क्या एक सामान्य ग्रामीण को न्याय पाने के लिए वर्षों तक यूं ही भटकना होगा? अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।