आईजी श्री राम गोपाल गर्ग ने ली ‘सशक्त’ ऐप की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक।
- चोरी की गाड़ियों की शत-प्रतिशत रिकवरी और डेटा अपडेट करने के दिए सख्त निर्देश।
- मुंगेली एसपी श्री भोजराम पटेल ने लाइव प्रेजेंटेशन के माध्यम से साइबर पीड़ितों की राशि वापसी हेतु ‘MRM’ मैकेनिज़्म की दी विस्तृत जानकारी।
बिलासपुर। पुलिस महानिरीक्षक, बिलासपुर रेंज श्री राम गोपाल गर्ग द्वारा रेंज कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से ‘सशक्त’ एप्लीकेशन की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली गई। इस बैठक में बिलासपुर रेंज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, राजपत्रित अधिकारी (ASP/DSP), थाना प्रभारी एवं हाल ही में पदस्थ नए प्रशिक्षु उप निरीक्षक (PSI) उपस्थित रहे।

इस महत्वपूर्ण बैठक का मुख्य उद्देश्य बिलासपुर रेंज के जिलों में ‘सशक्त’ ऐप के माध्यम से दो-पहिया एवं चार-पहिया वाहनों की चोरी पर प्रभावी अंकुश लगाना, संदिग्ध वाहनों की त्वरित ट्रैकिंग करना और रिकवरी दर में भारी वृद्धि लाना है।

समीक्षा बैठक में दिए गए मुख्य दिशा-निर्देश:
- 1 सप्ताह के भीतर अपूर्ण डेटा और बैकलॉग पूर्ण करने के निर्देश: रेंज के विभिन्न जिलों (बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर, मुंगेली, सारंगढ़, शक्ति आदि) में दर्ज वाहन चोरी के प्रकरणों में जहाँ चेसिस या इंजन नंबर दर्ज नहीं हैं, उन्हें 24 घंटे के भीतर ‘वाहन पोर्टल’ के माध्यम से पूर्ण करने हेतु सभी नोडल अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई।
- दैनिक DSR से रियल-टाइम डेटा प्रविष्टि: थाने में FIR दर्ज होते ही वाहन का विवरण तत्काल ‘सशक्त’ ऐप पर दर्ज करने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। अब से हर एफआईआर में इंजन एवं चेसिस नंबर स्पष्ट रूप से उल्लेख करना अनिवार्य होगा।
- सार्वजनिक एवं संवेदनशील पार्किंग स्थलों पर गहन चेकिंग: पुलिसकर्मियों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, सराफा क्षेत्रों एवं सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर ‘सशक्त’ ऐप द्वारा चेकिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पार्किंग ठेकेदारों व कर्मचारियों को भी ऐप में यूजर बनाकर इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
- नवागत अधिकारियों/कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पंजीयन: हाल ही में पदस्थ नए अधिकारियों (DSP, Inspector, Sub-Inspector) एवं कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से ऐप पर पंजीयन का लक्ष्य तय किया गया है। व्यावहारिक अभ्यास हेतु प्रत्येक नए यूजर को प्रतिदिन कम से कम 20 संदिग्ध वाहनों की चेकिंग (हिट काउंट) का लक्ष्य दिया गया है।
- बरामद (Recovered) वाहनों का तत्काल बैक-एंड अपडेट: रिकवर किए गए वाहनों की प्रविष्टि तुरंत बैक-एंड पर दर्ज करने के निर्देश दिए गए, ताकि वाहन स्वामियों को सुपुर्दगी में पारदर्शिता रहे और डेटा का दोहराव न हो।
साइबर फ्रॉड पीड़ितों को राहत: मुंगेली एसपी द्वारा ‘MRM’ का लाइव प्रेजेंटेशन
बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल द्वारा साइबर अपराधियों से पीड़ितों का पैसा वापस दिलाने हेतु अपनाए जा रहे मनी रिकवरी मैकेनिज़्म (MRM) पर एक प्रभावी लाइव प्रेजेंटेशन दिया गया:
- त्वरित मनी रिकवरी मैकेनिज़्म (MRM): साइबर हेल्पलाइन 1930 और पोर्टल के तालमेल से पीड़ित द्वारा सूचना मिलते ही पुलिस बिना समय गंवाए आरोपी के संबंधित बैंक खातों को तत्काल होल्ड (फ़्रीज़) करवा देती है।
- पीड़ितों के खाते में सीधी वापसी: कानूनी प्रक्रियाओं का तेजी से पालन करते हुए होल्ड की गई राशि को सीधे पीड़ित के मूल बैंक खाते में रिफंड कराया जा रहा है।
- ‘गोल्डन आवर’ की महत्ता: एसपी श्री पटेल ने जोर देकर कहा कि साइबर फ्रॉड के मामलों में शुरुआती 1 से 2 घंटे (‘गोल्डन आवर’) के भीतर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी है, जिससे पैसों का सुरक्षित ब्लॉक होना सुनिश्चित होता है।
आईजी श्री राम गोपाल गर्ग का संदेश:
बैठक का मूल उद्देश्य आधुनिक तकनीक के माध्यम से पारदर्शी और परिणाममूलक पुलिसिंग स्थापित करना है। ‘सशक्त’ ऐप चोरी के वाहनों को ढूंढ निकालने और अपराधियों तक पहुँचने में एक क्रांतिकारी टूल है। सभी अधिकारी इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करें ताकि थानों में प्रकरणों की पेंडेंसी समाप्त हो और जनता को सीधा लाभ मिले।”



