संवाददाता सुरज वाधवानी
हिर्री थाना में पुलिसकर्मियों को बांधा रक्षासूत्र, बताया रक्षाबंधन का आध्यात्मिक महत्व
चकरभाठा/सकर्रा। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सेवाकेंद्र चकरभाठा कैम्प, बिलासपुर द्वारा हिर्री थाना परिसर में आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रक्षासूत्र बांधकर रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। इस दौरान परमात्मा शिव का संदेश देते हुए पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में बीके उमा बहन जी एवं बीके ऐश्वर्या बहन ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रक्षासूत्र बांधा। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम और रक्षा के संकल्प का पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मा की पवित्रता, सद्भावना और बुराइयों से स्वयं की रक्षा करने का आध्यात्मिक संदेश भी देता है। परमात्मा शिव का स्मरण करते हुए जीवन में शांति, प्रेम, पवित्रता और सकारात्मक चिंतन अपनाने का आह्वान किया गया।


आत्म अनुभूति कराकर दिया शांति का संदेश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पुलिसकर्मियों को आत्म अनुभूति कराई गई। राजयोग एवं आत्मचिंतन के माध्यम से कुछ समय शांत वातावरण में स्वयं को आत्मस्वरूप में अनुभव करने की प्रक्रिया कराई गई। बीके बहनों ने बताया कि पुलिसकर्मी दिन-रात समाज की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा उनके कार्य को और प्रभावी बनाने में सहायक हो सकती है।



इस अवसर पर हिर्री थाना प्रभारी दामोदर मिश्रा, एएसआई दिवाकर साहब, धर्मेन्द्र राजपूत, जितेंद्र जगत, जयप्रकाश, सुनील सिंह, सुखदेव कश्यप, लीलाधर देशमुख, अनिकेत सर, काजल धनंजय, सूरज कुर्रे, साधना साहू एवं गोपालनी साहू सहित थाना स्टाफ उपस्थित रहा।
बीके उमा बहन जी एवं बीके ऐश्वर्या बहन ने सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को रक्षासूत्र बांधकर सुख, शांति, स्वास्थ्य एवं मंगलमय जीवन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही रक्षाबंधन के अवसर पर परमात्मा शिव की शिक्षाओं को जीवन में अपनाने तथा सकारात्मक विचारों के साथ समाज की सेवा करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, सेवाकेंद्र चकरभाठा कैम्प बिलासपुर की बहनों का आभार व्यक्त किया।














