हरितालिका तीज: राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ बिलासपुर की महिलाओं ने निर्जला व्रत रख की शिव-पार्वती की पूजा
बिलासपुर। सनातन परंपरा के अनुसार ‘व्रतों का राजा’ कहे जाने वाले हरितालिका तीज का पर्व राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ, जिला बिलासपुर की बहनों द्वारा पूरे विधि-विधान और श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। महासंघ की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने अपने पति की लंबी उम्र, सुख-सौभाग्य तथा संतान की दीर्घायु की कामना के लिए 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखा।




इस अवसर पर राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ की बहनों ने घर-घर और स्थानीय मंदिरों में भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की। मान्यता अनुसार माता पार्वती के घोर तप के फलस्वरूप भगवान शिव को प्राप्त करने की स्मृति में यह व्रत रखा जाता है। इसी परंपरा का पालन करते हुए सुयोग्य वर और सुख-समृद्धि की कामना हेतु कुंवारी कन्याओं ने भी यह व्रत रखा।
प्रमुख गतिविधियां एवं विशेषताएं:
श्रद्धालुओं ने घर एवं मंदिरों में सुंदर फुलेरा बांधकर भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा की। माता पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री, पुष्पमाला, बेलपत्र एवं धूप-दीप अर्पित किए गए।
पूजा में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक पकवानों—विशेषकर गुजिया, ठेठरी, खुर्मी—तथा मौसमी फलों का भोग लगाया गया।
यह 36 घंटे का निर्जला व्रत 13 तारीख की शाम से प्रारंभ होकर 15 तारीख की सुबह विधि-विधान से पारण (समापन) के साथ संपन्न हुआ।
उपस्थिति:
इस धार्मिक आयोजन में राष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ की राष्ट्रीय प्रभारी प्रतिभा पांडे, प्रदेश उपाध्यक्ष संगीता शर्मा, संभाग प्रभारी मीनू दुबे, मीडिया प्रदेश प्रभारी अर्चना तिवारी, बिलासपुर जिला अध्यक्ष शशि प्रभा पांडे, श्री दुबे, रश्मि शुक्ला सहित समाज की अनेक बहने बड़ी संख्या में शामिल हुईं। सभी ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर समाज व परिवार की समृद्धि की कामना की।














